नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे 8 जून को, समारोह में कई देशों के बड़े नेता होंगे शामिल
5 जून 2024 10 टिप्पणि Rakesh Kundu

नरेंद्र मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना: एक ऐतिहासिक घटना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 जून को तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह शपथग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित होगा, जहां भारत के राष्ट्रपति उन्हें और अन्य मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की 2019 लोकसभा चुनाव में भारी जीत ने यह ऐतिहासिक अवसर प्रदान किया है।

यह विजय मोदी और बीजेपी के राजनीतिक प्रभुत्व का प्रमाण है। 2014 के बाद से ही बीजेपी लगातार दो कार्यकाल में बड़े बहुमत से सरकार बना चुकी है, और अब तीसरे कार्यकाल के लिए तैयार है। मोदी की इस विजय को उनके कुशल नेतृत्व और सीधा संवाद करने की क्षमता का नतीजा माना जा रहा है।

शपथग्रहण समारोह की विशेषताएं

शपथग्रहण समारोह में विभिन्न देशों के गणमान्य लोग, विशेषकर बिम्सटेक (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) राष्ट्रों के राज्य प्रमुखों की उपस्थिति देखने को मिलेगी। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मोदी का प्रभाव है।

राष्ट्रपति भवन का भव्य वातावरण और इसकी ऐतिहासिक महत्ता इस समारोह को और भी विशेष बना देते हैं। राष्ट्रपति भवन भारत के राष्ट्रपति का सरकारी निवास है, और यह समारोह यहाँ आयोजित होना भी शोभा का विषय है।

लोकसभा चुनाव 2019 और मोदी की विजय

लोकसभा चुनाव 2019 में, बीजेपी ने भारी बहुमत से विजय प्राप्त की। यह जीत दूसरी बार साबित करती है कि देश की जनता ने मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया है। पिछली सरकार की योजनाओं और उनकी उपलब्धियों ने जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को और भी बढ़ा दिया।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कुशल नेतृत्व - पिछले कार्यकाल में मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और सुधारों को लागू किया। उज्ज्वला योजना, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं की सफलता ने जनता को प्रभावित किया।
  • बीजेपी की राजनीतिक रणनीति - बीजेपी ने चुनावी प्रचार में अपनी मजबूत रणनीति का प्रदर्शन किया। उन्होंने ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की फौजी तैयार की और आधुनिकतम प्रचार तकनीकों का उपयोग किया।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वाभिमान - राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर मोदी सरकार का कड़ा रुख जनता में विश्वास को मजबूती प्रदान करता है। पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक ने जनता में राष्ट्रप्रेम की भावना को जनम दिया।

बीजेपी की स्थाई राजनीति

आने वाले पाँच वर्षों में, मौजूदा सरकार के समक्ष कई चुनौतियाँ और अवसर होंगे। जनता की अपेक्षाएँ बहुत अधिक हैं, और कई जटिल मुद्दों का समाधान किया जाना बाकी है। आर्थिक सुधार, रोजगार सृजन, और कृषि क्षेत्र में सुधार प्राथमिकता की सूची में शीर्ष पर होंगे।

नरेंद्र मोदी की इस तीसरी पारी को लेकर जनता में काफी उत्साह है, और यह देखना होगा कि आने वाले समय में वे किस प्रकार से इन मुद्दों का समाधान करते हैं। बीजेपी की स्थाई राजनीति और उसकी चुनावी रणनीति आने वाले वक्त में भी ध्यान देने योग्य होगी।

देश के लिए एक नई सुबह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना देश के लिए एक नई शुरूआत के रूप में देखा जा सकता है। जहाँ एक ओर उनके पिछले कार्यकाल की सफलताएँ हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ मुद्दे भी सवालों के घेरे में हैं। यह समय होगा जब देश के सामने एक नया विकास मॉडल प्रस्तुत किया जाएगा और एक बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।

भारत की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय मोदी की इस नई पारी का इंतजार कर रहे हैं, और यह देखना रोचक होगा कि वे कैसे इन सभी उम्मीदों को पूरा करते हैं।

Rakesh Kundu

Rakesh Kundu

मैं एक समाचार संवाददाता हूं जो दैनिक समाचार के बारे में लिखता है, विशेषकर भारतीय राजनीति, सामाजिक मुद्दे और आर्थिक विकास पर। मेरा मानना है कि सूचना की ताकत लोगों को सशक्त कर सकती है।

10 टिप्पणि

Anurag Kumar

Anurag Kumar

जून 5, 2024 AT 19:33

वाह, मोदी जी का तीसरा कार्यकाल बहुत तेज़ी से आ रहा है। जनता में उत्साह साफ़ दिख रहा है। इस शपथ ग्रहण में कई देशों के नेता आएँगे, तो अंतरराष्ट्रीय मान्यता बढ़ेगी।

Prashant Jain

Prashant Jain

जून 21, 2024 AT 14:13

इतना बड़प्पन दिखाना तो हर चुनावी रणनीति में चाहिए ही।

DN Kiri (Gajen) Phangcho

DN Kiri (Gajen) Phangcho

जुलाई 7, 2024 AT 08:53

प्रधानमंत्री का तीसरा कार्यकाल भारत को नई दिशा दे सकता है मैं सोचता हूँ यह बदलाव आर्थिक सुधारों पर ज्यादा केंद्रित रहेगा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है सरकार ने कई योजनाएँ बतायी हैं लेकिन उनका कार्यान्वयन देखना बाकी है आप क्या सोचते हैं

Yash Kumar

Yash Kumar

जुलाई 23, 2024 AT 03:33

विचार तो बड़िया है पर धरती पे वही पुरानी समस्याएँ फिर से नहीं चलेगी।

Aishwarya R

Aishwarya R

अगस्त 7, 2024 AT 22:13

हर बार वही नारे सुनते आ रहे हैं-विश्वास, विकास, राष्ट्रीय गौरव। पर आँकड़े बताते हैं कि कई क्षेत्रों में प्रगति धीमी है। इस बार कौन सी नई नीति काम आएगी, यही सवाल है।

Vaidehi Sharma

Vaidehi Sharma

अगस्त 23, 2024 AT 16:53

बिलकुल सही कहा आपने 😊! नई योजना के साथ नई उम्मीदें 🌟

Jenisha Patel

Jenisha Patel

सितंबर 8, 2024 AT 11:33

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल भारत के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण चरण का प्रतिनिधित्व करता है। वर्तमान में सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए कई विकास कार्यक्रमों का उद्देश्‍य राष्ट्रीय आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करना है। उज्ज्वला योजना, डिजिटल इंडिया तथा मेक इन इंडिया जैसी पहलों को आगे भी सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। विचार किया जाये तो कृषि सुधार, रोजगार सृजन तथा स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार प्रमुख प्राथमिकताएँ होंगी। इन क्षेत्रों में संतुलित नीति निर्माण तथा प्रभावी कार्यान्वयन ही सफलता की कुंजी बनेगा। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को उज्जवल बनाने हेतु विदेशियों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया जाना चाहिए। भौगोलिक स्थिरता व राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे भी इस कार्यकाल में प्रधानता से देखे जायेंगे। विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ नीति-निर्धारकों को कार्य करना आवश्यक है। सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना विश्वास की नींव स्थापित करेगा। वित्तीय अनुशासन तथा बजटरी प्रबंधन में कटौतियों को दूर करने के लिये उचित कदम उठाने होंगे। शिक्षा एवं विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना भविष्य के लिए निवेश है। स्वच्छ भारत मिशन को निरंतरता देते हुए स्वच्छता के स्तर को देश-व्यापी बढ़ाना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता को और अधिक प्रबल किया जाना चाहिए। सामाजिक समानता एवं महिलाओं के सशक्तिकरण को साकार करने हेतु विशेष योजनाओं का रोल‑आउट आवश्यक है। सम्बंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद स्थापित कर नीतियों को समयानुसार समायोजित करना चाहिए। अंत में यह कहा जा सकता है कि यदि सभी पहलुओं को संतुलित रूप में कार्यान्वित किया गया तो भारत का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।

Ria Dewan

Ria Dewan

सितंबर 24, 2024 AT 06:13

अरे वाह, तीसरी शपथ और फिर से वही वीवियी पार्टी का जादू। जैसे हर बार वही गाने गाए जाएँ। शायद जनता को नया कुछ पसंद नहीं आता। राजनीति में वही पुरानी कथा चलती रहती है।

rishabh agarwal

rishabh agarwal

अक्तूबर 10, 2024 AT 00:53

सच में, यह चरण राजनीति की गहराई को समझने का अवसर देता है। दार्शनिक दृष्टिकोण से देखें तो सत्ता में रहना भी एक जिम्मेदारी बन जाता है। हमें देखना होगा कि इस जिम्मेदारी का बोध किस हद तक स्पष्ट है।

Apurva Pandya

Apurva Pandya

अक्तूबर 25, 2024 AT 19:33

देश की भलाई को लेकर कोई समझौता नहीं होना चाहिए 😊। हमें नैतिकता के सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

एक टिप्पणी लिखें