IPO का विस्तृत विवरण
Atlanta Electricals IPO 22 सितम्बर 2025 को खोलकर 24 सितम्बर 2025 को बंद किया गया। कुल 687 करोड़ रुपये की इश्यू को दो भागों में बाँटा गया: 400 करोड़ रुपये का फ्रेस इश्यू और 287 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS). शेयर की प्राइस बैंड 718 से 754 रुपये निर्धारित की गई, जबकि एक लॉट में 19 शेयर होने के कारण न्यूनतम निवेश 14,326 रुपये है।
ऑफ़र फॉर सेल में प्रमोटर्स द्वारा बेचे जाने वाले शेयर शामिल हैं, जिससे उनकी हिस्सेदारी 94% से घटकर 87% रह जाएगी। साथ ही, कुछ व्यक्तिगत शेयरधारकों की 6% हिस्सेदारी भी 1% तक घटेगी। इस प्रक्रिया से कुल 12% डायल्यूशन होगा और कंपनी का अनुमानित मार्केट कैपिटल 5,797 करोड़ रुपये रहेगा।
IPO की समय-सारणी भी स्पष्ट रूप से बताई गई है: अलॉटमेंट की अंतिम तिथि 25 सितम्बर 2025, रिफंड 26 सितम्बर 2025 और शेयर डिमैट acccount में शेड्यूल के अनुसार 26 सितम्बर को ही आधिकरण किया जाएगा। एंकर इन्भेस्टरों के लिए दो लॉक‑इन पीरियड निर्धारित किए गए हैं – 50% शेयर 25 अक्टूबर 2025 तक लॉक रहेंगे और शेष 50% 24 दिसंबर 2025 तक।
कंपनी का व्यवसायिक प्रोफ़ाइल और बाजार स्थिती
Atlanta Electricals Limited का स्थापित इतिहास 1988 तक जाता है। मुख्यालय गुजरात में स्थित, कंपनी ने तीन उत्पादन इकाइयाँ विकसित की हैं – दो गुजरात (अणंद) में और एक कर्नाटका (बेंगलुरु) में। इन प्लांट्स में 200 MVA तक की क्षमता वाले पावर, ऑटो और इन्वर्टर‑ड्यूटी ट्रांसफॉर्मर निर्मित होते हैं, जिनका वोल्टेज रेटिंग 220 kV तक है।
तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, कंपनी ने 5‑200 MVA/220 kV वर्ग में 12% बाजार हिस्सेदारी हासिल की है। उसकी ग्राहक सूची में सार्वजनिक, निजी दोनों क्षेत्रों के साथ 19 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के कई बड़े प्रॉजेक्ट्स शामिल हैं। गुणवत्ता, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और तकनीकी अनुपालन पर कंपनी का फोकस इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग करता आया है।
पिछले कुछ सालों में कंपनी ने क्रमिक रूप से ऑर्डर बुक को मजबूत बनाया है। ग्रे मार्केट में प्रीमियम की बढ़ती दर ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया, जो IPO के पूर्व ही कंपनी के शेयरों को बाजार में अधिक कीमत पर ट्रेड होते देख रहे थे। यह संकेत करता है कि बाजार में ट्रांसफॉर्मर निर्माण उद्योग की भविष्य की संभावनाएं उज्ज्वल हैं और Atlanta Electricals को इस उछाल का लाभ उठाने की तैयारी है।
IPO के बाद, कंपनी का लक्ष्य अपग्रेडेड कैपिटल को नई उत्पादन तकनीकों, R&D और विस्तार योजनाओं में निवेश करना है। विशेष रूप से, कर्नाटका में स्थापित नई प्लांट को औद्योगिक क्षमता बढ़ाने और विद्युत ग्रिड के आधुनिकीकरण में योगदान देने के लिए उपयोग किया जाएगा। इस दौरान, प्रबंधक टीम ने कहा है कि वे निरंतर ग्राहक संतुष्टि और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता देंगे, ताकि कंपनी को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखा जा सके।
10 टिप्पणि
Prashant Jain
सितंबर 25, 2025 AT 18:43इश्यू के आकार को देखते हुए, ये IPO लगभग असंभव लग रहा है। ऐसे बड़े फ्रेस इश्यू से पहले बाजार में बहुत गड़बड़ होगी। मैं कहूँ तो प्रमोटर्स सिर्फ अपने हिस्से को कम करके दिखा रहे हैं।
DN Kiri (Gajen) Phangcho
अक्तूबर 9, 2025 AT 23:05भाई, मैं समझता हूँ कि ऐसे आंकड़े डरावने लगते हैं पर ध्यान देना चाहिए कि कंपनी का ऑर्डर बुक बढ़ रहा है। ग्रे मार्केट प्रीमियम भी एक अच्छा संकेत है। अगर आप थोड़ी देर रखेंगे तो संभावित रिटर्न decent हो सकता है।
Yash Kumar
अक्तूबर 24, 2025 AT 03:27कंपनी का इतिहास बड़ा नहीं है सिर्फ 30 साल का। लेकिन ट्रांसफॉर्मर बाजार में 12% हिस्सेदारी काफी है। फिर भी, IPO में इतनी बड़ी रेंज के साथ प्राइस बैंड एक लाल निशान है। निवेशक को लूट की चाल दिखती है। ग्रे मार्केट में प्रीमियम बढ़ना स्याही की तरह दिखता है। मैं कि कहूँ तो सावधानी से आगे बढ़ें।
Aishwarya R
नवंबर 7, 2025 AT 06:48भाई, तुम्हारी समझ बहुत सतही है। कंपनी ने तीन प्लांट्स से 200 MVA तक की उत्पादन क्षमता हासिल की है और यह आंकड़े को अनदेखा नहीं किया जा सकता। ग्रे मार्केट में प्रीमियम सिर्फ अस्थायी नहीं है। इन सब को ध्यान में रखो।
Vaidehi Sharma
नवंबर 21, 2025 AT 11:10संभालो, यह IPO कभी आसान नहीं रहेगा 😅
Jenisha Patel
दिसंबर 5, 2025 AT 15:32संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत डेटा के आधार पर, यह स्पष्ट है कि Atlanta Electricals Limited ने अपने उत्पादन क्षमता तथा बाजार हिस्सेदारी को सतत रूप से विस्तारित किया है, तथा ऑर्डर बुक में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिससे इस IPO की संभावनाएँ सकारात्मक रूप में परिभाषित की जा सकती हैं, जबकि निवेशकों को आवश्यक सावधानीपूर्वक विश्लेषण करना अनिवार्य है।
Ria Dewan
दिसंबर 19, 2025 AT 19:54आह, फिर से एक और “शानदार” IPO, जैसा कि हर साल होते रहे हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम को देखते हुए, यह तो बिल्कुल स्पष्ट है कि बाजार में कोई वास्तविक मूल्य नहीं है, बस उम्मीदों का शोर है। आप सब को बधाई, अब फिर से “दुबारा मुनाफा” का सपना देखिए।
rishabh agarwal
जनवरी 3, 2026 AT 00:16देखें, मैं थोड़ा अलग दृष्टिकोण से कहूँगा कि हर IPO में जोखिम और अवसर दोनों होते हैं; यदि आप दीर्घकालिक निवेश को सोचते हैं तो यह संभावित तौर पर फायदेमंद हो सकता है।
Apurva Pandya
जनवरी 17, 2026 AT 04:37नैतिक रूप से देखें तो, इतना बड़ा प्राइस बैंड निवेशकों को भ्रमित कर सकता है 😐, इसलिए सावधानी बरतना चाहिए।
Nishtha Sood
जनवरी 31, 2026 AT 08:59आपने सही कहा, सावधानी महत्वपूर्ण है। IPO का प्राइस बैंड थोड़ा चौड़ा है, पर कंपनी का R&D निवेश भविष्य में लाभदायक हो सकता है। यदि आप जोखिम को स्वीकार करने को तैयार हैं तो यह एक अवसर हो सकता है। साथ ही, बाजार की प्रवृत्ति को देखते हुए, ग्रे मार्केट प्रीमियम स्थिर रह सकता है। इसलिए, अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखें।