दिल्ली में सोने का रेट अब ₹1,20,740/10ग्राम: फेड कट की अटकलें और नया रिकॉर्ड
7 अक्तूबर 2025 13 टिप्पणि Rakesh Kundu

आज सोना की कीमतों में आश्चर्यजनक उछाल देखी गई, जिससे पिछले तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला टूट गया। दिल्ली में 24‑कैरेट शुद्ध सोना अब 1,20,740 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है, जबकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कीमत 1,20,879 रुपये तक पहुंच गई – एक नया कीर्तिमान। यह उछाल 7 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई, जब अमेरिकी आर्थिक नीति में संभावित बदलावों के कारण निवेशकों ने सुरक्षित स्वर्ण को चुना।

बाजार की स्थिति और आज का रिकॉर्ड

सुप्रभात के शुरुआती घंटों में इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोशिएशन ने घोषित किया कि 999 पैरिटी (24‑कैरेट) सोना 1,19,967 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है – यह सोमवार की कीमत 1,19,249 रुपये से ₹718 का उछाल है। इसी तरह 995 पैरिटी (23‑कैरेट) का भाव ₹1,19,487 रहा, 916 पैरिटी (22‑कैरेट) ने ₹1,09,890 का संकेत दिया, 750 पैरिटी (18‑कैरेट) ₹89,975 पर पहुँचा, और 585 पैरिटी (14‑कैरेट) ₹70,181 पर बीड़ गई। सभी ग्रेड में लगभग ₹500‑₹700 की बढ़ोतरी देखी गई।

चांदी की बात करें तो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोशिएशन ने बताया कि उसका मूल्य 1,49,438 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुँच गया, जो सोमवार के ₹1,48,833 से ₹605 की उछाल दर्शाता है।

कीमतों में उछाल के कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेज वृद्धि के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याजदर कटौती की अटकलें हैं। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में चल रहे राजनीतिक अस्थिरता और मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं पैदा कर रही हैं, जिससे निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की तलाश में सोने और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। “जब फेड की नीति अनिश्चित होती है, तो सोना स्वाभाविक रूप से हेज बन जाता है,” एक मार्केट एनालिस्ट ने कहा।

इसी समय, भारतीय रुपये की हल्की कमजोरी ने भी देशी बाजार में सोने की कीमतों को ऊपर धकेला। क्योंकि जब रुपये की क्षमता घटती है, तो आयातित सोना महँगा हो जाता है, और इस कारण स्थानीय व्यापारियों को वही कीमत ग्राहकों को देना पड़ता है।

शहर‑दर‑शहर तुलना

दिल्ली के अलावा, देश के प्रमुख 15 बड़े शहरों में भी समान स्तर की कीमतें दर्ज हुईं। मुंबई में 24‑कैरेट सोना लगभग ₹1,20,400 पर ट्रेड हुआ, चेन्नई में ₹1,20,300, कोलकाता में ₹1,20,200, भोपाल में ₹1,20,150, और हरिद्वार में ₹1,20,050 दिखा। सभी शहरों में लगभग ₹1,000‑₹1,200 की सामान्य बढ़ोतरी नोट की गई। यह एक समान राष्ट्रीय प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहाँ हर बेंचमार्क शहर ने स्थानीय बाजार में सोने के दाम को नई छलांग दी।

विशेषज्ञों की राय और भविष्य की दिशा

विशेषज्ञों की राय और भविष्य की दिशा

वित्तीय विश्लेषक अजय बर्मण (सेंटर फॉर इकॉनॉमिक रिसर्च) का कहना है कि अगर फेड की दर कट नीति स्पष्ट हो गई, तो सोने का उछाल और भी तेज हो सकता है। “संभावित दर कट के संकेत कई महीने से बाजार में चल रहे हैं, और यदि फेड इसे लागू करता है, तो हमें अगले हफ़्ते तक अतिरिक्त ₹2,000‑₹3,000 की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है,” उन्होंने टिप्पणी की।

दूसरी ओर, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के एक प्रवक्ता ने कहा कि मौद्रिक नीति में कोई अचानक बदलाव नहीं होगा और ब्याज दरों को स्थिर रखने का इरादा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, कुछ विशेषज्ञों ने निवेशकों को अल्पकालिक सुनियोजित निवेश और पोर्टफ़ोलियो में विविधता लाने की सलाह दी।

क्या निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए?

सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, पर साथ ही अस्थिरता भी तेज़ है। यदि आप प्रथम बार निवेश करने की सोच रहे हैं, तो छोटे आकार के सोने के सिक्के या गोल्ड ETFs (इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडेड फंड) बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इससे आपको बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधे असर नहीं पड़ेगा, और लिक्विडिटी भी बनी रहती है।

यदि आप लंबे срок तक रखरखाव की योजना बनाते हैं, तो 24‑कैरेट शुद्ध सोने की कीमतें अभी आंकड़ों के अनुसार स्थिर होने की संभावना है, लेकिन निरंतर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक तनाव को देखते हुए, अचानक गिरावट की भी संभावनाएं मौजूद हैं। इसलिए, निवेशकों को अपने जोखिम प्रोफ़ाइल के अनुसार ही फैसला लेना चाहिए।

विचार करने योग्य टिप्स

विचार करने योग्य टिप्स

  • अभी के रुझान को देखते हुए, छोटा‑छोटा निवेश करके धीरे‑धीरे पोर्टफ़ोलियो बनाना फायदेमंद हो सकता है।
  • सोने के साथ-साथ चांदी के रेट में भी वृद्धि देखी जा रही है; मिश्रित निवेश जोखिम को संतुलित कर सकता है।
  • प्रत्येक बड़े शहर की स्थानीय वाणिज्यिक दरों को मॉनिटर करें, क्योंकि कीमतों में अंतर नगदी पर असर डाल सकता है।
  • यदि आप फिज़िकल गोल्ड खरीदने की सोच रहे हैं, तो प्रमाणित भारतीय ज्वैलर्स से ही लेन‑देन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सोने की कीमत में बढ़ोतरी का मुख्य कारण क्या है?

मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर कटौती की अटकलें और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता हैं, जिससे निवेशक सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोना चुन रहे हैं।

क्या सभी बड़े शहरों में सोने की कीमतें समान हैं?

दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, भोपाल और हरिद्वार जैसे प्रमुख शहरों में लगभग ₹1,000‑₹1,200 का समान उछाल देखा गया है, पर स्थानीय कर और टैक्स के कारण हल्का अंतर रह सकता है।

क्या इस बढ़ती कीमत में निवेश करना सुरक्षित है?

शॉर्ट‑टर्म में कीमतें तेज़ी से बढ़ सकती हैं, पर दीर्घकालिक अनिश्चितता को देखते हुए विविधीकरण और छोटे‑छोटे निवेश बेहतर माने जाते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने के साथ ही चांदी या गोल्ड ETFs में भी निवेश करें।

आगामी हफ्तों में सोने के दाम कैसे बदल सकते हैं?

यदि फेड दर में कट लागू करता है, तो सोने के दाम में अतिरिक्त ₹2,000‑₹3,000 की वृद्धि संभावित है; लेकिन अगर बाजार में नई नीतियों की अनिश्चितता कम हो तो कीमतें स्थिर हो सकती हैं।

सोने की कीमतों में वृद्धि से आम जनता कैसे बच सकती है?

अधिकांश लोग छोटी मात्रा में गोल्ड ज्वैलरी खरीदकर या बैंक के गोल्ड लोन विकल्पों का उपयोग करके जोखिम को कम कर सकते हैं, जबकि लंबी अवधि के लिए गोल्ड बीमा और डिजिटल गोल्ड में निवेश करना सुरक्षित रहता है।

Rakesh Kundu

Rakesh Kundu

मैं एक समाचार संवाददाता हूं जो दैनिक समाचार के बारे में लिखता है, विशेषकर भारतीय राजनीति, सामाजिक मुद्दे और आर्थिक विकास पर। मेरा मानना है कि सूचना की ताकत लोगों को सशक्त कर सकती है।

13 टिप्पणि

Nitin Talwar

Nitin Talwar

अक्तूबर 7, 2025 AT 21:45

क्या पता है, इस सोने के उछाल का असली कारण विदेशों की़ साजिश है 😡🤬 - जब फेड की बातों में झूठ बुनते हैं, तो हम भारतीयों के देसी रुपए को पिटते हैं। इस तरह के प्रचलन से हमारी सच्ची मेहनत की कमाई गोया‑गोया हो रही है 🚀💥 सावधान रहें, ये सिर्फ़ एक झंझट नहीं, बल्कि आर्थिक युद्ध का पहला दांव है।

onpriya sriyahan

onpriya sriyahan

अक्तूबर 8, 2025 AT 00:31

भाइयो और बहनो सोने में इंतजाम नहीं, बल्कि खुद में नयी ऊर्जा लगाओ हर दिन थोड़ा‑थोड़ा बचत करो और भविष्य को सुरक्षित बनाओ यही तरीका है ज़्यादा महंगे सोने की कीमत से बचने का

Agni Gendhing

Agni Gendhing

अक्तूबर 8, 2025 AT 03:18

ओह व्वा!!! फेड के अटकलें ही सभी समस्या हैं??? सच में, जैसे एक छोटी सांस में इन्फ्लेशन के तीन हजार रुपये का बजट बन जाता है!!! पैसे को जैसे कांटों से चलाते हैं वो है‑है‑है… सारी साजिश तो वो अमेरिका‑कम्पनी की है जो सोने को भी ड्यूडिटेड करती है हाहा😂

Jay Baksh

Jay Baksh

अक्तूबर 8, 2025 AT 06:05

देश की शान को देखो, जब हमारा सोना इतना महँगा हो गया तो विदेशियों को क्या घुटना पड़ेगा! हमें अपना दाम बढ़ा कर दिखाना चाहिए, तभी तो असली स्वाभिमान मिलेगा।

Gowthaman Ramasamy

Gowthaman Ramasamy

अक्तूबर 8, 2025 AT 08:51

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, वर्तमान सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर के मूल्यांकन तथा फेड के संभावित नीतिगत कदमों से बहुत प्रभावित होती हैं। जब तक अमेरिकी ब्याज दरों में कमी नहीं आती, तब तक इस ट्रेंड में स्थिरता या संभावित वृद्धि की संभावना बनी रहती है। यदि आप निवेश योजना बना रहे हैं, तो सोने के साथ-साथ विविधीकृत पोर्टफ़ोलियो हेतु इक्विटी और बॉण्ड्स पर भी विचार करना उचित रहेगा। ✅

Navendu Sinha

Navendu Sinha

अक्तूबर 8, 2025 AT 11:38

सोने की कीमतों में अचानक उछाल कई बार आर्थिक मनोविज्ञान का परिणाम होता है।
जब निवेशक अनिश्चितता को महसूस करते हैं, तो वे सुरक्षित संपत्ति की ओर रुख करते हैं।
इस संदर्भ में फेड की संभावनात्मक दर कटौती को देखते हुए बाजार में आशा की लहर दौड़ जाती है।
लेकिन यह आशा स्थायी नहीं होती, क्योंकि वैश्विक मुद्रा प्रवाह अत्यधिक जटिल है।
भारतीय रुपए की वर्तमान कमजोरी भी इस उछाल में योगदान देती है, क्योंकि आयातित सोना महँगा हो जाता है।
साथ ही, घरेलू नीतियों में कोई अचानक परिवर्तन नहीं हो रहा है, जिससे मौद्रिक स्थिरता की आशा बनी रहती है।
इस परिप्रेक्ष्य में, छोटे निवेशकों को अपने जोखिम प्रोफ़ाइल का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए।
यदि आपका पोर्टफ़ोलियो पहले से ही सोने में अधिक है, तो विविधीकरण करने की आवश्यकता है।
कांच के बक्से में सोना रखकर केवल भावीय आश्वासन नहीं मिलता, बल्कि वास्तविक रिटर्न भी बनता है।
इसलिए, गोल्ड ETFs या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों को भी शामिल किया जा सकता है।
इन विकल्पों में तरलता अधिक होती है और खरीदी‑बेची का समय कम होता है।
हालांकि, फिज़िकल गोल्ड की खरीद‑फरोख्त में प्रमाणित ज्वैलर्स का भरोसा आवश्यक है।
बाजार की इस अस्थिर स्थिति में, भावनात्मक निर्णयों से बचना चाहिए।
तर्कसंगत विश्लेषण और उचित समय पर प्रवेश ही लंबी अवधि में संतोषजनक परिणाम देता है।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि सोना एक सुरक्षित आश्रय है, पर यह भी समय के साथ बदल सकता है।
निवेशकों को इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर सूचित निर्णय लेना चाहिए।

reshveen10 raj

reshveen10 raj

अक्तूबर 8, 2025 AT 14:25

चलो जल्दी से छोटे‑छोटे सोने के सिक्के लेकर पोर्टफ़ोलियो बनाते हैं, आसान और तेज़!

Navyanandana Singh

Navyanandana Singh

अक्तूबर 8, 2025 AT 17:11

सच बताऊँ तो यह सोने की कीमतें हमारे भीतर बसी अनिश्चितता की ही परछाई हैं। जब हम डुबकी लगाते हैं, तो गहराई में छिपे डर हमें सताते हैं। लेकिन इस डर को अपनाकर, हम खुद को नई रोशनी में देख सकते हैं। इस आर्थिक समुद्र में तैरते रहना ही हमारी आत्मा को परखता है।

monisha.p Tiwari

monisha.p Tiwari

अक्तूबर 8, 2025 AT 19:58

सोने की कीमतें बढ़ रही हैं, पर हमें आपसी समझ और सहयोग से इस चुनौती को पार करना चाहिए। सभी निवेशकों को शुभकामनाएँ, साथ मिलकर हम इस दौर को आसान बना सकते हैं।

Nathan Hosken

Nathan Hosken

अक्तूबर 8, 2025 AT 22:45

इसे एक मैक्रो‑इकॉनॉमिक पॉलिसी डायलिसिस के रूप में देख सकते हैं जहाँ फेड की मोनेटरी स्टैबिलिटी सिग्नल्स ने एशियन मार्केट में बेंचमार्क रिफ्लेक्शन उत्पन्न किया है। इस परफॉर्मेंस को ट्रैक करने हेतु हम लीड‑इंडिकेटर्स जैसे इनफ्लेशन‑एक्सपेक्टेशन्स और रिवर्स्ड‑यील्ड कर्व्स को मॉनिटर कर सकते हैं।

Manali Saha

Manali Saha

अक्तूबर 9, 2025 AT 01:31

सोने का रेट अब बहुत हाई हो गया है!! क्या यह फेड के कट का असर है??? निवेशकों को सावधान रहना चाहिए!!

jitha veera

jitha veera

अक्तूबर 9, 2025 AT 04:18

अरे, ये सब शांति‑परायण बातें तो बहुत ही बोरिंग हैं। असली सच यह है कि जहाँ तक मैं देखता हूँ, सोने का दाम गिरने वाला है क्योंकि बाजार में अब वास्तविक मांग नहीं बची। जो लोग अभी भी इसे खरीद रहे हैं, वो सिर्फ़ फ्यूडल दिमाग़ के क़ेबाड़ी कर रहे हैं।

Sandesh Athreya B D

Sandesh Athreya B D

अक्तूबर 9, 2025 AT 07:05

वाह भाई, तुम्हारी भविष्यवाणी तो बिल्कुल टारोट कार्ड की तरह लकी लग रही है! 😂 अभी तो इस सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं, और तुम कह रहे हो गिरने वाली है? चलो फिर, देखते हैं कौन सही निकला।

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