दिल्ली सीएम श्री स्कूल: 2026-27 एडमिशन शुरू, 12 मार्च तक आवेदन करें
31 मार्च 2026 0 टिप्पणि Rakesh Kundu

दिल्ली के लाखों माता-पिता का लंबा इंतज़ार आज से टूट गया है। CM Shri Schools ने 2026-27 सत्र के लिए भर्ती प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है, जिसका सीधा असर 75 सरकारी संस्थाओं में छात्राओं और छात्रों पर पड़ने वाला है। यह कोई आम स्कूल नहीं है; ये विशेष उत्कृष्टता वाले स्कूल हैं जो सरकार के वादे को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

मगर बात सिर्फ स्कूल खुलने की नहीं, बल्कि समय सीमा की भी है। ऑनलाइन आवेदन का डेडलाइन 12 मार्च 2026 तय है, उसके बाद रास्ता अस्थायी रूप से बंद हो जाएगा। अगर आप अभी भी सोच रहे हैं कि क्या आपके बच्चे को मौका मिल सकता है, तो स्थिति स्पष्ट है: केवल दिल्ली निवासी ही पात्र हैं।

स्कूल क्यों और कैसे खुले?

दिल्ली सरकार की योजना थोड़ी अलग तरह से सामने आई है। 18 फरवरी 2026 को सरोजिनी नगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इन संस्थाओं का उद्घाटन किया था। यह बस नमूना नहीं था। रिखा गुप्ता, दिल्ली की मुख्यमंत्री, और धर्मेंद्र प्रभुंकेंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 75 स्कूलों को मंजूरी दी थी। उद्देश्य साफ़ था: सरकारी स्कूलों में वैश्विक स्तर की फैसिलिटी लाना।

पहले लोग कहते थे कि अच्छी शिक्षा केवल पैसा चाहिए होती है। लेकिन अब दिल्ली में उसकी अवधारणा बदली जा रही है। इन स्कूलों में STEM, कला और मानव विज्ञान जैसे विषय नौवीं कक्षा के बाद उपलब्ध होंगे, जो आम सरकारी कॉलेजों में नहीं पाया जाता।

ऑनलाइन आवेदन और तारीखें

प्रक्रिया 2 मार्च से शुरू हुई थी और इसे लेकर चूंकि कुछ भ्रम बन रहे थे, इसलिए सरकार ने साफ़ कहा कि वेबसाइट edudel.nic.in पर फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 12 मार्च है। इसके बाद भी स्कूल परिसर में सुबह 8:30 से 11:30 और शाम 2:30 से 5:30 बजे फॉर्म जमा किए जा सकते हैं।

यहाँ चुनौती यही रह गई कि लोग अपनी तिथि के अनुसार सही क्लास चुनें:

  • नर्सरी और किंडरगार्टन के लिए उम्र क्रमशः 3+ वर्ष और 4+ वर्ष होनी चाहिए।
  • कक्षा 1 के लिए 5 वर्ष से ऊपर होने आवश्यक है।
  • कक्षा 6 और 9 के लिए प्रवेश परीक्षा मध्य मार्च में होगी।
  • कक्षा 11 की परीक्षा मई 2026 में निर्धारित है।

पात्रता और दूरियाँ महत्वपूर्ण क्यों हैं?

सबसे बड़ा सवाल जिन्होंने पूछा है वह है "मेरा बच्चा पास से आएगा या नहीं?" नियम बहुत स्पष्ट हैं। यदि आप 1 किलोमीटर के वृत्ताकार क्षेत्र में रहते हैं, तो सबसे पहले मौका आपका होगा। इसके बाद 3 किलोमीटर तक के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उससे आगे रहने वालों के लिए हालां थोड़े कठिन हैं। उन्हें अपने अभिभावकों द्वारा लिखी हुई शपथ पत्र (affidavit) देनी होगी जिसमें सुरक्षित परिवहन का आश्वासन दिया गया हो। यह नियम इसलिए बना क्योंकि ट्रैफिक और बच्चों की सुरक्षा दिल्ली की सबसे बड़ी चिंता है। उम्र की गणना 31 मार्च 2026 की तारीख को देखकर की जाएगी।

रिज़र्वेशन और अनुसूचित जाति व्यवस्था

रिज़र्वेशन और अनुसूचित जाति व्यवस्था

सरकार ने समावेश को ध्यान में रखते हुए आरक्षण के प्रावधान भी रखे हैं। कुल सीटों में SC वर्ग के लिए 15%, ST वर्ग के लिए 7.5% और विकल्पित श्रेणी (PWD) के लिए 3% आरक्षण है।

एक दिलचस्प पहलू यह है कि सरकार विभाग के कर्मचारियों के बच्चों के लिए 2% सीटें रोक रखी है। साथ ही, एक बड़ी बात यह है कि 50% सीटें उन छात्रों के लिए आरक्षित हैं जो कक्षा 5, 8 और 10 दिल्ली के सरकारी स्कूलों से पास कर चुके हैं। यह नीति सरकारी स्कूलों के अंदर ही बेहतर छात्रों को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

Frequently Asked Questions

क्या मैं दूसरे जिले से आवेदन कर सकता हूँ?

जी नहीं, केवल दिल्ली के मूल निवासी ही इस प्रक्रिया के पात्र हैं। आपको अपना वास प्रमाण पत्र (Residence Proof) जमा करना अनिवार्य है और चयन प्रक्रिया में आपकी आवाजाही और दूरी का विशेष महत्व दिया जाएगा।

दस्तावेजों की कमी होने पर क्या होगा?

सरकार ने पिछड़ापन के मामले में एक राहत दी है। यदि किसी लाभार्थी का दस्तावेज तुरंत उपलब्ध नहीं है, तो उसे 30 दिन के लिए अस्थायी भर्ती की अनुमति होगी ताकि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

प्रवेश परीक्षा कब आयोजित होगी?

कक्षा 6 और 9 की प्रवेश परीक्षा मार्च के अंतिम सप्ताह में होगी, जबकि कक्षा 11 की परीक्षा मई 2026 में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से परीक्षा हेतु सूचना भेजी जाएगी।

सीटीएस रिपोर्ट के आधार पर स्कूल बदला जा सकता है?

नहीं, एक बार चयन प्रक्रिया (Draw of Lots) के जरिए स्कूल आवंटित होने के बाद उसे बदलने की या फिर अन्य स्कूल में ट्रांसफर करने की अनुमति किसी भी परिस्थिति में नहीं है।

Rakesh Kundu

Rakesh Kundu

मैं एक समाचार संवाददाता हूं जो दैनिक समाचार के बारे में लिखता है, विशेषकर भारतीय राजनीति, सामाजिक मुद्दे और आर्थिक विकास पर। मेरा मानना है कि सूचना की ताकत लोगों को सशक्त कर सकती है।