रवींद्र जडेजा के पिता ने बेटे और बहू पर बनाया आरोप, दावा: बहू ने तोड़ दी पूरी फैमिली की रिश्ते
26 नवंबर 2025 2 टिप्पणि Rakesh Kundu

जब भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक नया शतक बनाया, तो पूरा देश उसकी कमाल की तारीफ कर रहा था। लेकिन उसके घर के अंदर, एक ऐसा विवाद छिपा था जिसके बारे में किसी को अंदाजा भी नहीं था। अनिरुद्धसिंह जडेजा, रवींद्र के पिता, ने 9 फरवरी 2024 को दिव्य भास्कर के साथ एक इंटरव्यू में एक ऐसा बयान दिया जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा — ‘मेरा रवींद्र और उसकी बहू रिवाबा के साथ कोई रिश्ता नहीं है। हम उन्हें फोन नहीं करते, वे हमें नहीं बुलाते।’ ये बातें उनके अकेलेपन के बारे में हैं — जामनगर के एक पुराने 2BHK फ्लैट में, उनकी पत्नी की ₹20,000 की पेंशन पर जीते हुए।

शादी के तीन महीने में ही टूट गया रिश्ता

रवींद्र और रिवाबा की शादी अप्रैल 2016 में राजकोट में एक शानदार तरीके से हुई थी। लेकिन अनिरुद्धसिंह के मुताबिक, शादी के तीन महीने के अंदर ही सब कुछ बदल गया। ‘उसने (रिवाबा) मुझे बताया कि सब कुछ उसके नाम पर ट्रांसफर हो जाए,’ उन्होंने कहा। ‘उसने पूरे परिवार को बिखेर दिया। उसे अकेला जीवन चाहिए था।’ उनका आरोप है कि रिवाबा ने रवींद्र के नाम के एक रेस्तरां के मालिकाना हक को अपने नाम करवाने की मांग की — जिस पर रवींद्र की बहन नायनबा ने भी सहमति दे दी थी, उम्मीद करते हुए कि यह समस्या सुलझ जाएगी। लेकिन उसके बाद, कोई समाधान नहीं आया।

ऑडी, बंगला और बिना बात किए बिक्री

कुछ खबरों में यह दावा किया गया कि रिवाबा के माता-पिता एक बड़ा व्यवसाय चलाते हैं। अनिरुद्धसिंह ने इसे खंडित किया। ‘रवींद्र ने खुद ऑडी ऑर्डर की थी, और पैसा हमारे नाम से दिया गया।’ उन्होंने बताया कि रिवाबा की माँ अभी भी नौकरी करती हैं, और उनका परिवार पहले रेलवे क्वार्टर्स में रहता था। लेकिन अब रवींद्र ने जामनगर में ₹2 करोड़ का एक चार मंजिला बंगला खरीद लिया है — जिसमें वे अकेले रहते हैं। अनिरुद्धसिंह अपने फ्लैट में अकेले रहते हैं, जबकि उनके बेटे का घर उनके बसेरे से केवल कुछ किमी दूर है। लेकिन दरवाजा बंद है।

परिवार के 50 लोगों का एक ही बयान

‘मैं गलत हो सकता हूँ, नायनबा भी गलत हो सकती है,’ अनिरुद्धसिंह ने कहा, ‘लेकिन बताओ, कैसे पूरे परिवार के 50 लोग एक साथ गलत हो सकते हैं?’ उनका दर्द यह है कि उनकी पोती, निध्याना जडेजा, जिसका जन्म 2019 में हुआ था, उनकी आँखों से पाँच साल से अज्ञात है। ‘हमने उसका चेहरा तक नहीं देखा,’ उन्होंने कहा। ‘रिवाबा के ससुराल अब सब कुछ चला रहे हैं। वे अब खुश हैं — क्योंकि उन्हें एक बैंक मिल गया है।’

रवींद्र का जवाब: ‘ये इंटरव्यू स्क्रिप्टेड है’

अनिरुद्धसिंह के इंटरव्यू के तुरंत बाद, रवींद्र जडेजा ने अपने ट्विटर अकाउंट @imjadeja पर एक छोटा सा पोस्ट डाला: ‘ये इंटरव्यू स्क्रिप्टेड और बेमानी है। मैं इन बातों को नकारता हूँ।’ उन्होंने कोई और विवरण नहीं दिया। लेकिन इस एक लाइन ने पूरी बातचीत का रुख बदल दिया। उनके लिए ये बस एक निजी मुद्दा नहीं है — ये उनकी छवि है। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने देश के लिए बहुत कुछ किया है, अब अपने परिवार के बारे में सवालों का सामना कर रहा है।

रिवाबा का राजनीतिक सफर — एक और तनाव का स्रोत

रिवाबा का राजनीतिक सफर — एक और तनाव का स्रोत

रिवाबा जडेजा ने 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर राजनीति में कदम रखा। 2022 में उन्होंने जामनगर (उत्तर) विधानसभा क्षेत्र से अपनी पहली बार चुनाव जीता। उनकी राजनीतिक सफलता ने इस मामले को और भी जटिल बना दिया। क्या ये एक सिर्फ पारिवारिक विवाद है? या इसके पीछे कोई और शक्ति का खेल है? कुछ विश्लेषकों का कहना है कि जब एक खिलाड़ी की पत्नी राजनीति में आ जाती है, तो घरेलू मुद्दे भी राजनीतिक बन जाते हैं।

अनिरुद्धसिंह का दर्द: ‘शायद क्रिकेट नहीं करता तो बेहतर होता’

अनिरुद्धसिंह ने एक ऐसा बयान दिया जिसने दिल को छू लिया। ‘शायद रवींद्र ने क्रिकेट नहीं किया होता, तो बेहतर होता।’ ये बात किसी अपने के लिए बहुत गहरी है। उन्होंने अपनी बेटी नायनबा को अपने बेटे के लिए एक माँ की भूमिका निभाते देखा। नायनबा ने उनका पालन-पोषण किया, उनकी देखभाल की। अब वो भी बेटे के साथ नहीं है। उनका पूरा जीवन एक अकेलेपन में बीत रहा है — जहाँ फोन नहीं बजता, और दरवाजा नहीं खुलता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रवींद्र जडेजा ने अपने पिता के आरोपों का जवाब क्यों नहीं दिया?

रवींद्र ने सिर्फ एक ट्वीट के जरिए आरोपों को ‘स्क्रिप्टेड और बेमानी’ बताया, लेकिन कोई विस्तृत बयान या डॉक्यूमेंटेड जवाब नहीं दिया। इसका कारण शायद यह है कि वे निजी मुद्दों को जनता के सामने लाने से बचना चाहते हैं। खिलाड़ियों के लिए परिवारिक विवाद अक्सर व्यक्तिगत रहते हैं — और उन्हें जनसामान्य के सामने लाने का खतरा होता है।

रिवाबा जडेजा की राजनीति और परिवारिक विवाद में क्या संबंध है?

रिवाबा का राजनीतिक उदय इस विवाद को और भी जटिल बना रहा है। उनकी विधानसभा विजय ने उन्हें जामनगर में एक मजबूत स्थिति दी है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि जब एक परिवार के एक सदस्य की राजनीतिक शक्ति बढ़ती है, तो दूसरे सदस्य उसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए भी जोखिम लेने को तैयार हो जाते हैं — जैसा कि अनिरुद्धसिंह ने किया है।

रवींद्र और रिवाबा की शादी के बाद क्या बदलाव आए?

शादी के बाद, रवींद्र की आय में तेजी से बढ़ोतरी हुई — इंटरनेशनल क्रिकेट, आईपीएल, स्पॉन्सरशिप। लेकिन अनिरुद्धसिंह के मुताबिक, इसी दौरान रिवाबा ने परिवार के साथ संबंध तोड़ने शुरू कर दिए। उन्होंने रेस्तरां, ऑडी और बंगले जैसे संपत्ति के नाम बदलने की मांग की, जिससे तनाव बढ़ा।

क्या रवींद्र के पिता के आरोपों की कोई आधिकारिक जाँच हुई?

नहीं। इन आरोपों की कोई कानूनी या सरकारी जाँच नहीं हुई है। ये सिर्फ एक पिता का व्यक्तिगत बयान है, जिसे अन्य समाचार संस्थानों ने भी रिपोर्ट किया है, लेकिन रवींद्र का जवाब एकमात्र विपरीत नजरिया है। ऐसे मामलों में आमतौर पर न्यायालय या पुलिस तब ही शामिल होती है जब कोई आर्थिक धोखाधड़ी या घरेलू हिंसा का आरोप हो।

रवींद्र जडेजा की बहन नायनबा की भूमिका क्या है?

नायनबा ने अपने भाई के बचपन से ही उनकी देखभाल की। अनिरुद्धसिंह के अनुसार, वह एक माँ की तरह उनका साथ देती रहीं। अब वह भी अपने भाई और बहू के साथ नहीं हैं। उनका उदास होना इस विवाद की गहराई को दर्शाता है — ये सिर्फ एक बेटे-पिता का विवाद नहीं, बल्कि पूरे परिवार का टूटना है।

क्या ये विवाद रवींद्र जडेजा के क्रिकेट करियर को प्रभावित करेगा?

अभी तक, रवींद्र ने अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने आईपीएल और टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन अगर ये विवाद लंबा हुआ तो सार्वजनिक दबाव बढ़ सकता है। क्रिकेटर्स के लिए निजी जीवन की स्थिति अक्सर उनकी भावनात्मक स्थिरता पर असर डालती है — और ये खेल में असर डाल सकता है।

Rakesh Kundu

Rakesh Kundu

मैं एक समाचार संवाददाता हूं जो दैनिक समाचार के बारे में लिखता है, विशेषकर भारतीय राजनीति, सामाजिक मुद्दे और आर्थिक विकास पर। मेरा मानना है कि सूचना की ताकत लोगों को सशक्त कर सकती है।

2 टिप्पणि

Alok Kumar Sharma

Alok Kumar Sharma

नवंबर 28, 2025 AT 09:28

ये सब बकवास है। एक खिलाड़ी का परिवार उसकी कामयाबी का हिस्सा है, न कि उसका बोझ।

Ambika Dhal

Ambika Dhal

नवंबर 28, 2025 AT 21:07

रिवाबा ने जो किया, वो कोई बहू नहीं, एक कैलकुलेटेड बैंक रॉबर जैसा है। उसने न सिर्फ पैसा चुराया, बल्कि पूरे परिवार का दिल भी तोड़ दिया। अब राजनीति में घुसकर अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रही है। ये सिर्फ निजी बात नहीं, ये एक सामाजिक बीमारी है।

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