अनिरुद्धसिंह जडेजा: क्रिकेट, राजनीति और गुजरात के नेता की कहानी
जब आप अनिरुद्धसिंह जडेजा, भारतीय क्रिकेटर और गुजरात के राजनेता जो खेल और राजनीति दोनों में नाम कमाते हैं. इनका नाम कई तरह से जुड़ा हुआ है — एक ओर भारतीय क्रिकेट टीम के दमदार ऑलराउंडर के रूप में, दूसरी ओर गुजरात की राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में। ये दोनों दुनियाएँ अलग हैं, लेकिन अनिरुद्धसिंह जडेजा ने दोनों में अपनी छाप छोड़ दी है।
क्रिकेट के मैदान पर उनका नाम बहुत ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में खेला। बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी और फील्डिंग में भी उनकी भूमिका अहम रही। उनकी तेज़ दौड़, निशाना साधने की क्षमता और मैच बदल देने की क्षमता ने उन्हें टीम इंडिया का अहम हिस्सा बना दिया। उनके साथ खेलने वाले खिलाड़ियों ने बार-बार उनकी टीमवर्क और अनुशासन की तारीफ की है। ये वो गुण हैं जो खेल से बाहर भी काम आते हैं।
अब राजनीति की बात करें। अनिरुद्धसिंह जडेजा गुजरात के एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने खेल के बाद राजनीति में कदम रखा। उन्होंने गुजरात विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उनकी जनता के बीच लोकप्रियता, सीधी बातचीत और समस्याओं को समझने की क्षमता ने उन्हें एक अलग तरह का नेता बना दिया। ये वो नेता हैं जो टीम इंडिया के लिए खेलते रहे, फिर गुजरात के लिए लड़े। उनकी यह दोहरी भूमिका किसी भी अन्य भारतीय नेता के लिए आम नहीं।
क्रिकेट और राजनीति में उनकी अनूठी जुड़ाव
अनिरुद्धसिंह जडेजा की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी या एक नेता की नहीं है। ये एक ऐसी जिंदगी की कहानी है जहाँ निरंतर मेहनत, अनुशासन और जनता के प्रति जिम्मेदारी एक साथ आ गईं। उन्होंने दिखाया कि एक खिलाड़ी जब अपने देश के लिए खेलता है, तो वह उसी तरह अपने राज्य के लिए भी लड़ सकता है। उनके बारे में जानकर आपको लगेगा कि ये आदमी किसी एक चीज़ के लिए नहीं, बल्कि कई चीज़ों के लिए तैयार है।
इस पेज पर आपको अनिरुद्धसिंह जडेजा से जुड़ी खबरें मिलेंगी — चाहे वो क्रिकेट के मैच हों, राजनीति के फैसले हों, या फिर उनके समाज से जुड़े काम। ये सब कुछ एक ही इंसान की जिंदगी के अलग-अलग पहलू हैं। यहाँ आपको उनके बारे में वो सब मिलेगा जो आपको जानना चाहिए।
26 नवंबर 2025
Rakesh Kundu
रवींद्र जडेजा के पिता अनिरुद्धसिंह ने बहू रिवाबा को फैमिली विवाद का जिम्मेदार ठहराया, जिसके बाद वे पाँच साल से पोती को नहीं देख पाए। रवींद्र ने इन आरोपों को 'स्क्रिप्टेड' बताया।
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