चक्रवात डिटवाह: भारत में तूफानों की वास्तविकता और उनका प्रभाव

जब बारिश बंद नहीं होती, हवाएँ 100 किमी/घंटा से ज्यादा चलने लगती हैं, और समुद्र का पानी जमीन पर आ जाता है — तो वो चक्रवात होता है। चक्रवात डिटवाह, एक तीव्र घूमता हुआ तूफान जो बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में बनता है और भारत के तटीय इलाकों को नष्ट कर देता है। ये तूफान सिर्फ बारिश नहीं लाते, बल्कि घर उड़ा देते हैं, खेत बहा लेते हैं, और जिंदगियाँ बदल देते हैं। डिटवाह जैसे नाम सिर्फ एक निशान नहीं, बल्कि एक चेतावनी है — जो IMD और विशेषज्ञ लोगों के अनुसार एक खतरनाक तूफान को दर्शाते हैं।

ये चक्रवात कहाँ आते हैं? ज्यादातर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात। नॉर्थ बंगाल और महाराष्ट्र के कोकण क्षेत्र भी इनके झटके से बच नहीं पाते। बारिश, चक्रवात का सबसे दृश्य असर, जो एक दिन में 300 मिमी से ज्यादा भी हो सकती है। इसके बाद बाढ़, एक अनिवार्य नतीजा, जो गाँवों को पानी में डुबो देती है और लाखों लोगों को घर छोड़ने के लिए मजबूर कर देती है। IMD की मौसम चेतावनी, ऑरेंज और रेड लेवल की चेतावनियाँ, जो लोगों को बचाने का एकमात्र तरीका होती हैं — ये सिर्फ डेटा नहीं, बचाव का जीवन है।

आपने देखा होगा — दिल्ली में कृत्रिम बारिश से प्रदूषण कम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन तूफान तो इसके उलट होते हैं। वहाँ बारिश बहुत हो जाती है, और उसके बाद बाढ़ आ जाती है। नॉर्थ बंगाल में 17 लोग मर गए, महाराष्ट्र में ऑरेंज-रेड अलर्ट जारी हुआ — ये सब चक्रवात की असली कीमत है। लेकिन ये सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं हैं। इनका असर उन लोगों पर सबसे ज्यादा पड़ता है जिनके पास पहले से कम संसाधन होते हैं।

इस पेज पर आपको ऐसी ही ताज़ा खबरें मिलेंगी — जहाँ चक्रवात ने क्या तबाही मचाई, किन जगहों पर लोगों को बचाने के लिए तैयारी की जा रही है, और कैसे विज्ञान और सरकार इन तूफानों के सामने खड़ी हो रही है। कुछ खबरें आपको डरा देंगी, कुछ आशा देंगी। लेकिन सब असली हैं।

2 दिसंबर 2025 19 टिप्पणि Rakesh Kundu

तमिलनाडु में लाल चेतावनी: चक्रवात डिटवाह का शेष भाग लाए भारी बारिश

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात डिटवाह के शेष भाग के कारण तमिलनाडु के चेन्नई और पड़ोसी जिलों में लाल चेतावनी जारी की। भारी बारिश और तूफानी हवाओं से तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

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