जसप्रीत बुमराह को मिला आईसीसी पुरुष क्रिकेटर ऑफ द ईयर का खिताब
29 जनवरी 2025 7 टिप्पणि Rakesh Kundu

भारतीय क्रिकेट में जसप्रीत बुमराह का शानदार योगदान

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जसप्रीत बुमराह का नाम अब सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। 2024 में आईसीसी ने उन्हें पुरुष क्रिकेटर ऑफ द ईयर का खिताब देकर उनकी निपुणता और दृढ़ संकल्प की सराहना की है। बुमराह की तीव्रता और सटीकता ने उन्हें इस पुरस्कार तक पहुंचाया है, जिसने न केवल भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को गर्वित किया, बल्कि पूरे वैश्विक क्रिकेट मंच पर उनके नाम की गूंज सुनाई दी।

टेस्ट क्रिकेट में बुमराह की उपलब्धियाँ

जसप्रीत बुमराह ने 2024 के दौरान टेस्ट क्रिकेट में अद्वितीय कौशल का प्रदर्शन किया। वह साल के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने और उन्होंने कुल 71 विकेट लिए। उनका औसत दर मात्र 14.92 रही, जो उनके करियर के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा। उनके खेल ने उन्हें प्रतिस्पर्धा में एक स्थान ऊपर ला खड़ा किया, जहां वह ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड और इंग्लैंड के हैरी ब्रुक और जो रूट जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के साथ खड़े देखने को मिले।

टी20 विश्व कप में अद्वितीय प्रदर्शन

टी20 विश्व कप 2024 का आयोजन बारबाडोस में हुआ, जहां बुमराह का प्रदर्शन खेलप्रेमियों के लिए एक दुर्लभ दृश्य था। उन्होंने अपनी बैटरी से 15 विकेट चटकाए, जिनका औसत 8.26 रहा और इकॉनमी रेट 4.17 रहा। उनकी गेंदबाजी ने भारत को महत्वपूर्ण मैचों में जैसे आयरलैंड, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, और इंग्लैंड के खिलाफ विजय प्राप्त करने में मदद की। विशेषकर, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उन्होंने 2/18 का प्रदर्शन किया, जो उनके करियर का शानदार क्षण बना।

भारतीय क्रिकेट के महान नामों के साथ बुमराह की तुलना

इस पुरस्कार के साथ बुमराह ने विराट कोहली, आर अश्विन और राहुल द्रविड़ की श्रेणी में प्रवेश कर लिया है। ये सभी भारतीय क्रिकेट के उन नामों में शामिल हैं जिन्होंने सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी और पुरुष टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर का खिताब हासिल किया। यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के प्रति बुमराह की प्रतिबद्धता और खेल के प्रति उनके समर्पण की पहचान है।

बुमराह की प्रतिक्रिया और उनके भविष्य के लक्ष्य

इस महान उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जसप्रीत बुमराह ने कहा, 'मैं इस महान सम्मान के प्रति बेहद आभारी हूं। इस पुरस्कार को पाकर मैं गर्वित हूं और इसे मैं अपने देश, परिवार, और सहयोगियों के साथ साझा करता हूं। मेरी प्राथमिकता हमेशा टीम के लक्ष्यों की दिशा में योगदान करने की रहेगी।' बुमराह का यह वक्तव्य उनके अनुशासन और अपने खेल को आगे बढ़ाने की इच्छा को दर्शाता है।

आईसीसी अवॉर्ड्स में प्रसंशा

आईसीसी अवॉर्ड्स 2024 में जसप्रीत बुमराह की जीत पूरे भारत और विश्वभर में उनके समर्थकों के लिए गर्व का विषय है। यह पुरस्कार 12 व्यक्तिगत श्रेणियों के विजेताओं के साथ घोषित किया गया, जिसमें आईसीसी वोटिंग अकैडमी और दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों ने भाग लिया। 15 लाख से अधिक वोट्स जमा हुए, जो आयोजन की प्रत्येक श्रेणी में श्रेष्ठता की तलाश का प्रमाण है।

Rakesh Kundu

Rakesh Kundu

मैं एक समाचार संवाददाता हूं जो दैनिक समाचार के बारे में लिखता है, विशेषकर भारतीय राजनीति, सामाजिक मुद्दे और आर्थिक विकास पर। मेरा मानना है कि सूचना की ताकत लोगों को सशक्त कर सकती है।

7 टिप्पणि

Arundhati Barman Roy

Arundhati Barman Roy

जनवरी 29, 2025 AT 08:45

जसप्रीत बुमराह की आईसीसी ऑफ द ईयर जीत ने पूरे देश को ओजस से भर दिया। उनका कठिन परिश्रम और सटीकता आज के युवा क्रिकेटरों के लिये प्रेरणास्त्रोत है। इस उपलब्धि को देखते हुए हमें याद रखना चाहिए कि सफलता का मार्ग हमेशा आसान नहीं होता। बुमराह ने न सिर्फ़ गेंदबाज़ी में, बल्कि टीम के माहौल को भी सकारात्मक बनाया। उनका यह कदम भारतीय खेल इतिहास में एक चमकती हुई मोती की तरह रहेगा।

yogesh jassal

yogesh jassal

जनवरी 30, 2025 AT 12:32

जसप्रीत बुमराह की कहानी सुनते‑सुनते लगता है जैसे कोई दार्शनिक उपन्यास पढ़ रहा हूँ। उसका हर एक डिलिवरी क्रिकेट के सिद्धांतों को नई रोशनी में प्रस्तुत करता है। हम अक्सर कहते हैं “कड़ी मेहनत का फल मीठा होता है”, लेकिन बुमराह ने इसे स्वाद से भी बढ़कर साबित किया। उस साल की टेस्ट सीरीज में उसकी गेंदें ऐसी थीं जैसे प्रकृति ने खुद को संलग्न किया हो। वह केवल 71 विकेट लेकर सांख्यिकीय रिकॉर्ड तोड़ नहीं रहा, बल्कि क्वालिटी में भी नया मानक स्थापित कर रहा है। टी20 विश्व कप में उसकी औसत 8.26 और इकॉनमी 4.17 देखकर सभी विश्लेषक चकित रह गए। फाइनल में 2/18 के प्रदर्शन से पता चलता है कि दबाव में भी वह ठंडे दिमाग से खेलता है। इस जीत को देखते हुए कुछ लोग कहेंगे “क्रिकेट में अब बुमराह को चुनौती नहीं” – लेकिन चुनौती हमेशा बनी रहती है। इस तरह की उपलब्धि हमें सिखाती है कि लक्ष्य सिर्फ़ शीर्ष पर चढ़ना नहीं, बल्कि निरंतर सुधार करना है। उसकी विनम्रता और टीम‑केन्द्रित रवैया हमें याद दिलाता है कि व्यक्तिगत चमक से अधिक टीम की चमक महत्वपूर्ण है। अगर आप युवा खिलाड़ी हैं तो बुमराह की ट्रेनिंग रूटीन को मॉडल बनाकर देखें-सरणी, लोहा, और निरंतर पुनरावलोकन। लेकिन सिर्फ़ शारीरिक तैयारी नहीं, मानसिक दृढ़ता भी उतनी ही आवश्यक है, जैसा कि उसने कई बार साबित किया। अंत में, यह कहना सुरक्षित है कि बुमराह ने न केवल भारत बल्कि संपूर्ण क्रिकेट की दिशा को एक नई दिशा दी है। इस प्रेरक यात्रा को देखते हुए हमें भी अपने‑अपने जीवन में ऐसा “बुमराह‑स्पिरिट” अपनाना चाहिए।

Raj Chumi

Raj Chumi

जनवरी 31, 2025 AT 16:18

यार बुमराह का जश्न मेरे सुनने से ही दिल धड़का। क्या डिलिवरी थी वो, जैसे सिनेमा में क्लाइमैक्स हो! हर बॉल पे दिल की धड़कन तेज़ हो गई। बस ऐसे ही बनते रहो तुम, हीरो बनते रहो।

mohit singhal

mohit singhal

फ़रवरी 1, 2025 AT 20:05

देशभक्तों को गले से पकड़ लो बुमराह की जीत की बंधी बधाई 🙌🏽🇮🇳 इस तरह की उपलब्धि हमें दिखाती है कि विदेशियों को झुकना पड़ेगा 🙅‍♂️ हमारी टीम का दबदबा अटूट है 💥 बुमराह ने साबित कर दिया कि भारतीय तेज़ी से कम नहीं है, बल्कि विश्व पर छा रहे हैं 🔥

pradeep sathe

pradeep sathe

फ़रवरी 2, 2025 AT 23:52

सच में बुमराह की डिलिवरी ने सबको हिला कर रख दिया, और इस जोशीले उत्साह को महसूस किया। उसका फोकस और धैर्य हमारे लिए प्रेरणा बनेगा। इस प्रकार की भावना को हम सभी में अपनाएँ।

ARIJIT MANDAL

ARIJIT MANDAL

फ़रवरी 4, 2025 AT 03:38

बुमराह ने रिकॉर्ड तोड़े और कहना पड़ेगा-इसे कोई नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता। अब भारत की पिच पर दोहराव नहीं।

Bikkey Munda

Bikkey Munda

फ़रवरी 5, 2025 AT 07:25

अगर आप बुमराह की बॉलिंग तकनीक सीखना चाहते हैं तो सबसे पहला कदम है उसकी रन‑अप को देखना। वह हमेशा दो‑तीन कदम में तेज़ी से एंगल बनाता है। इसके बाद उसके हाथ की पकड़ को समझना जरूरी है-फिंगर पोज़िशन बिल्कुल सपाट होना चाहिए। इन बिंदुओं को अभ्यास में लाएँ और आप भी अपनी बॉलिंग में सुधार देखेंगे।

एक टिप्पणी लिखें