ट्रम्प प्रशासन के अंदरूनी गलियारों से एक ऐसी खबर निकलकर आई है जिसने वाशिंगटन के राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। कश पटेल, जो वर्तमान में FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) के डायरेक्टर हैं, की कुर्सी अब खतरे में नजर आ रही है। 28 अप्रैल 2026 को पॉलिटिको की एक रिपोर्ट और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से यह बात सामने आई है कि पटेल का कार्यकाल अब बस गिनती के दिनों का रह गया है। दिलचस्प बात यह है कि प्रशासन के अंदर इसे अब केवल 'समय का खेल' माना जा रहा है।
दरअसल, बात यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने करीबियों पर भरोसा तो करते हैं, लेकिन जब बात उनकी छवि और मीडिया की नकारात्मकता पर आती है, तो वह काफी सख्त हो जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि पटेल के खिलाफ बढ़ती नकारात्मक खबरें अब प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई हैं। यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं लगता, बल्कि मार्च 2026 के बाद से व्हाइट हाउस में चल रहे एक बड़े 'सफाई अभियान' का हिस्सा है, जिसमें अब तक पांच बड़े अधिकारी अपनी कुर्सी गंवा चुके हैं। (सोचिए, जब इतने बड़े पदों पर बदलाव हो रहे हों, तो कश पटेल का बचना मुश्किल लगता है)।
सफाई अभियान और बदलती प्राथमिकताएं
अगर हम पिछले कुछ महीनों की टाइमलाइन देखें, तो मार्च 2026 के बाद से ट्रम्प प्रशासन में बड़े पैमाने पर फेरबदल हुए हैं। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब नौसेना सचिव जॉन सी. फेलन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। उनके जाते ही डिप्टी सचिव हंग काओ को कार्यवाहक सचिव नियुक्त किया गया। इस घटना ने बाकी कैबिनेट स्तर के अधिकारियों के मन में डर पैदा कर दिया है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि अगला नंबर किसका होगा, और संकेत कश पटेल की तरफ इशारा कर रहे हैं।
लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक भरोसेमंद अधिकारी अचानक 'बेघर' होने की कगार पर पहुंच गया? इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे पहले तो मीडिया की वह नकारात्मक कवरेज, जिसने पटेल की छवि को एक कैबिनेट सचिव के तौर पर धूमिल किया है। ट्रम्प प्रशासन अब ऐसे विवादों से दूरी बनाना चाहता है जो राष्ट्रपति के काम में बाधा बनें।
विवादों का सिलसिला और वो 'तकनीकी गलती'
पटेल का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा है। शराब के सेवन और ईमेल हैकिंग जैसे गंभीर आरोपों ने उनकी साख को काफी चोट पहुंचाई है। लेकिन सबसे अजीब घटना अप्रैल 2026 में हुई। बताया जा रहा है कि एक तकनीकी खराबी के कारण पटेल का कंप्यूटर लॉक हो गया था, जिसे उन्होंने गलती से अपनी बर्खास्तगी समझ लिया। इस घटना को प्रशासन के भीतर एक 'पैनिक अटैक' या 'अंधविश्वास' की तरह देखा गया, जिससे यह संदेश गया कि पटेल अब दबाव झेलने की स्थिति में नहीं हैं और उनका आत्मविश्वास डगमगा चुका है।
यही नहीं, उनकी राजनीतिक ढाल भी अब कमजोर हो चुकी है। उनकी मेंटॉर और पूर्व अटॉर्नी जनरल पैम बोंडी का प्रशासन से जाना पटेल के लिए एक बड़ा झटका था। बोंडी के जाने के बाद व्हाइट हाउस में उनकी पैरवी करने वाला कोई नहीं बचा। अब वह एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां उनके पास बचाव के सीमित रास्ते बचे हैं।
कानूनी लड़ाई और पुराना इतिहास
अपनी छवि को बचाने के लिए पटेल ने The Atlantic नामक प्रकाशन पर 250 मिलियन डॉलर (लगभग 2,300 करोड़ रुपये) का मानहानि का मुकदमा दायर किया। उनका दावा था कि पत्रिका ने उनके खिलाफ गलत खबरें छापी हैं। हालांकि, यह कानूनी लड़ाई उनकी छवि सुधारने के बजाय उन्हें और अधिक सुर्खियों में ले आई, जो शायद ट्रम्प को पसंद नहीं आया।
अगर हम पीछे मुड़कर देखें, तो 2018 में भी पटेल विवादों में रहे थे। तब वह तत्कालीन कांग्रेस सदस्य डेविन नून्स के सहयोगी थे और उन्होंने एक विवादास्पद मेमो लिखा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि FBI ने ट्रम्प के अभियान की जासूसी की थी। उस समय भी आलोचकों ने इसे 'पक्षपातपूर्ण' बताया था। आज वही इतिहास खुद को दोहराता दिख रहा है, जहां एक समय के सबसे वफादार सहयोगी अब किनारे लगाए जा रहे हैं।
व्हाइट हाउस का आधिकारिक रुख और वर्तमान स्थिति
हैरानी की बात यह है कि जहां अंदरूनी सूत्र उनकी विदाई की बात कर रहे हैं, वहीं आधिकारिक तौर पर सब कुछ सामान्य बताया जा रहा है। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने हाल ही में कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प को अभी भी FBI डायरेक्टर पर पूरा भरोसा है। लेकिन राजनीति में अक्सर 'सार्वजनिक बयान' और 'अंदरूनी सच' अलग-अलग होते हैं।
इसी बीच, वाशिंगटन डी.सी. के हिल्टन होटल में हुई एक गोलीबारी की घटना ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। ठीक इसी समय पॉलिटिको की यह रिपोर्ट सामने आई, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद सुरक्षा व्यवस्था या आंतरिक खुफिया जानकारी की विफलता ने भी इस फैसले को तेज कर दिया हो। फिलहाल, 28 अप्रैल 2026 तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन हवाओं का रुख साफ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कश पटेल को हटाने के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
मुख्य कारणों में मीडिया की अत्यधिक नकारात्मक कवरेज, शराब और ईमेल हैकिंग से जुड़े व्यक्तिगत विवाद, और उनके आत्मविश्वास में कमी आना शामिल है। इसके अलावा, उनकी मेंटॉर पैम बोंडी का प्रशासन छोड़ना उनके लिए एक बड़ा झटका रहा है।
क्या व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर उनकी बर्खास्तगी की पुष्टि की है?
नहीं, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प को अभी भी पटेल पर भरोसा है, हालांकि अंदरूनी सूत्र इसके विपरीत दावा कर रहे हैं।
मार्च 2026 के बाद से प्रशासन में क्या बदलाव हुए हैं?
मार्च 2026 से अब तक कम से कम पांच वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया है या उन्होंने इस्तीफा दिया है। इसमें सबसे प्रमुख नाम नौसेना सचिव जॉन सी. फेलन का है, जिन्हें हटाकर हंग काओ को नियुक्त किया गया था।
कश पटेल ने 'The Atlantic' पर मुकदमा क्यों किया?
पटेल ने पत्रिका द्वारा छापी गई नकारात्मक खबरों के खिलाफ 250 मिलियन डॉलर का मानहानि मुकदमा दायर किया। उनका मानना था कि इन रिपोर्टों ने उनकी छवि को जानबूझकर खराब करने की कोशिश की है।